मध्य प्रदेश

महिला चोर गैंग का हाईटेक तरीका, ऑनलाइन रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम

nidhi
26 Sept 2026 12:41 PM IST
महिला चोर गैंग का हाईटेक तरीका, ऑनलाइन रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम
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MP में महिला गिरोह का खुलासा
भोपाल: मध्य प्रदेश में पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक महिला चोर गिरोह का खुलासा किया है, जो चोरी की वारदातों को अंजाम देने से पहले तकनीक का इस्तेमाल करता था। गिरोह के सदस्य कथित तौर पर गूगल मैप के जरिए बैंकों और आसपास के इलाकों की रेकी करते थे। वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए ट्रेन की जानकारी जुटाने में माय ट्रेन ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह की महिलाएं भीड़भाड़ वाले इलाकों और बैंकों के आसपास सक्रिय रहती थीं। वे पहले स्थान की जानकारी जुटाती थीं और फिर मौका देखकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देती थीं।
गूगल मैप से तलाशते थे आसान निशाना
जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य किसी भी जगह जाने से पहले मोबाइल और ऑनलाइन मैप की मदद से इलाके की जानकारी जुटाते थे। बैंक कहां है, आसपास कौन से रास्ते हैं और वहां से निकलने के विकल्प क्या हैं, इसकी जानकारी पहले ही जुटा ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से गिरोह अपने काम को आसान बनाने की कोशिश करता था। हालांकि जांच में सामने आए सभी तथ्यों की पुष्टि आगे की कार्रवाई के बाद ही होगी।
वारदात के बाद बदल लेते थे ठिकाना
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चोरी के बाद तुरंत स्थान बदलने की कोशिश करते थे। इसके लिए वे ट्रेन की टाइमिंग और रूट की जानकारी हासिल करने के लिए मोबाइल ऐप का सहारा लेते थे। माय ट्रेन ऐप के जरिए ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी लेकर फरार होने की योजना बनाई जाती थी। पुलिस अब गिरोह के सदस्यों के मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।
महिला सदस्यों की भूमिका की जांच
इस मामले में महिला सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस गिरोह से जुड़े सभी लोगों की पहचान और उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।
डिजिटल सबूत जुटा रही पुलिस
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन गतिविधियों, कॉल डिटेल और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अपराधी भी करने लगे हैं, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों के जरिए ऐसे मामलों में आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलती है। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी पिछली वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
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